पटना | राज्य ब्यूरो
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब डायल-112 की टीम के साथ स्थानीय थानों की पुलिस भी घटनास्थल तक जाएगी। हाल के दिनों में डायल-112 की टीम पर जनता द्वारा किए जा रहे हमलों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने जिलों के एसपी और थानों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अनुपालन न करने पर संबंधित थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी एवं वितंतु) निर्मल कुमार आजाद ने बताया कि डायल-112 पर मिलने वाली शिकायतें अब सीधे स्थानीय थानों को भी दी जाएंगी। दोनों टीमें संयुक्त रूप से घटनास्थल पर पहुंचेंगी। थानों को इस दिशा में प्रेरित किया जा रहा है और सहयोग न करने पर कार्रवाई तय है।
वर्तमान में डायल-112 के तहत राज्य में 1833 वाहन तैनात हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया शामिल हैं। औसतन यह टीम सूचना मिलने के 12 से 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच जाती है। हालांकि, कम पुलिसबल के कारण कई बार टीम को हमलों का सामना करना पड़ रहा है। एक वाहन पर फिलहाल ड्राइवर के साथ तीन से चार पुलिसकर्मी रहते हैं। इनकी संख्या बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
हाल में डायल-112 पर हुए हमले:
- 29 जून, पटना – एक्जीबिशन रोड पर पारिवारिक विवाद सुलझाने गई टीम पर हमला।
- 13 जुलाई, नवादा – पकरीबरांवा में विवाद सुलझाने पहुंची टीम पर हमला, वाहन के शीशे तोड़े गए।
- 8 अगस्त, मुंगेर – शराब की सूचना पर पहुंची टीम पर पथराव।
- 14 अगस्त, जमुई – रास्ता विवाद में पहुंची टीम पर हमला, सब-इंस्पेक्टर घायल।