संक्षेप:
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बिहार सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। डिप्टी मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि पहले स्थिति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यदि अतिक्रमण नहीं हटा तो डोजर और बुलडोजर चलाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। जमीन कब्जाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विस्तार से:
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पहले “बीमारी के हिसाब से डोज” दिया जाएगा, लेकिन यदि बात नहीं बनी तो पहले डोजर और फिर बुलडोजर की कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे गरीबों की झोपड़ी उजाड़ने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को छोड़ा भी नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि फर्जी आवेदन और कागजात के जरिए जमीन को विवादित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में केस दर्ज होंगे। साथ ही दावा किया कि मार्च तक दाखिल-खारिज, परिमार्जन और नापी की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ जाएगी।
सोमवार को भागलपुर पहुंचे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने नागरिक अभिनंदन समारोह और भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम में यह बातें कहीं। शिकायतें सुनने के दौरान उनके सख्त तेवर देखने को मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमाफियाओं के खिलाफ अब किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और मार्च के बाद सीधे कार्रवाई होगी।
भूमि जनसंवाद के दौरान जदयू नेताओं ने सरकारी जमीन की बिक्री में अंचल अधिकारी (सीओ) की मिलीभगत का आरोप लगाया। जलापूर्ति विभाग की जमीन का मामला सामने आते ही डिप्टी सीएम भड़क गए और तुरंत जांच के आदेश दिए।
शिकायतों के निस्तारण के दौरान उन्होंने एक महिला सीओ को कड़ी फटकार लगाई और पुराने भूमि मामलों का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अधिकारी पिछले दो वर्षों से अंचल में तैनात हैं, तो अब तक पुराने मामलों का डाटा क्यों नहीं देखा गया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलालों की भरमार हो गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अब इस व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है और विभाग से दलालों का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।