Bihar Bandh Live Updates: मतदाता सूची रिवीजन के खिलाफ बिहार बंद, सड़कों पर उतरे विपक्षी दल, राहुल गांधी पटना पहुंचे
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को पक्षपाती बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है, जिसके तहत आज बिहार बंद का आयोजन किया गया। बंद के चलते कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी बड़ी बातें:
Bihar Bandh Live: लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर – कन्हैया कुमार
एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार बंद को समर्थन देते हुए कहा,
“हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर हैं। कहा जाता है कि जब सड़कें सूनी हो जाती हैं तो संसद आवारा हो जाती है। इसलिए जनता का सड़कों पर उतरना ज़रूरी है।”
Bihar Bandh Live: कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं – तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा,
“यहां कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। लॉ एंड ऑर्डर का क्रिमिनल डिसऑर्डर हो गया है। नीतीश कुमार खुद अचेत अवस्था में हैं और हाईजैक हो चुके हैं। सभी जानते हैं कि चुनाव के बाद उनके साथ क्या होगा।”
Bihar Bandh Live: पप्पू यादव भी समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरे
जन अधिकार पार्टी के नेता और सांसद पप्पू यादव भी बंद का समर्थन करने सड़कों पर पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा,
“शंखनाद हो गया है, जनता सड़कों पर उतर गई है। वोटबंदी की सरकार को बिहार उखाड़ फेंकेगा। राहुल गांधी जी, हम बिहारी तैयार हैं!”
Bihar Bandh Live: राहुल गांधी पटना पहुंचे, प्रदर्शन में लेंगे हिस्सा
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी आज सुबह पटना पहुंचे। कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से वीडियो साझा करते हुए लिखा,
“जननायक राहुल गांधी जी पटना पहुंच चुके हैं। वे वोटबंदी के खिलाफ बिहार बंद और चक्का जाम आंदोलन में शामिल होंगे।”
Bihar Bandh Live: नालंदा में आरजेडी समर्थकों ने किया सड़क जाम
बिहार बंद का व्यापक असर नालंदा जिले में भी देखने को मिला। दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा इलाके में आरजेडी समर्थकों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को जाम कर दिया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
निष्कर्ष:
बिहार बंद के माध्यम से विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई है। खासकर मतदाता सूची रिवीजन को लेकर उठाए गए सवाल और नेताओं के तीखे बयान यह दर्शाते हैं कि चुनावी राजनीति ने जोर पकड़ लिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर बिहार की सियासत और भी गरमा सकती है।