बिहार वोटर लिस्ट संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, लेकिन टाइमिंग पर उठाए सवाल
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का संशोधन जारी रहेगा और संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग के कार्य में बाधा नहीं डाली जा सकती।
हालांकि, न्यायालय ने इस प्रक्रिया की टाइमिंग पर सवाल उठाए और चुनाव आयोग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ — जस्टिस सुधांशु धूलिया और जॉयमाल्या बागची — ने याचिकाकर्ताओं और चुनाव आयोग दोनों से गंभीर सवाल किए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दावा किया कि वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया बेहद तेज़ी से चलाई जा रही है, जिससे निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। जवाब में पीठ ने कहा, “आप यह स्पष्ट करें कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया में आखिर ग़लत क्या है?”
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए और कहा कि भविष्य की सुनवाई में इन बिंदुओं पर और चर्चा की जाएगी।