चुनाव से पहले गरमाई बिहार की सियासत: शांभवी चौधरी का केजरीवाल और राहुल गांधी पर बड़ा हमला
बिहार की सियासी फिजा चुनाव से पहले गरमाने लगी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की युवा सांसद शांभवी चौधरी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे वार करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया है।
शांभवी ने राहुल गांधी द्वारा बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उठाए गए सवालों को नकारते हुए कहा कि यह कांग्रेस की संभावित हार का बहाना है। वहीं, केजरीवाल के बिहार में अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और दिल्ली में उनके कार्यकाल की विफलताओं को उजागर किया।
“अब बहानेबाज़ी नहीं चलेगी”: राहुल गांधी पर सीधा हमला
लोकसभा में राहुल गांधी की आपत्तियों पर पलटवार करते हुए शांभवी चौधरी ने कहा, “जहां तक हमें याद है, राहुल गांधी खुद मतदाता सूची के रिवीजन की मांग कर चुके हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए होती है ताकि लोकतंत्र और मजबूत हो। अब जब चुनाव नजदीक हैं, आपत्ति जताना इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी पहले ही हार मान चुके हैं और बहानों की तैयारी कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कोई नई या असामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली की बुनियादी ज़रूरत है जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
“दिल्ली बर्बाद कर दी, अब बिहार को बख्शो”: केजरीवाल पर तीखा प्रहार
शांभवी चौधरी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को कहीं से भी चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन केजरीवाल को यह नहीं भूलना चाहिए कि दिल्ली में उन्होंने शासन का क्या हाल किया है। भ्रष्टाचार, गंदगी और बदहाल सेवाएं उनकी सरकार की पहचान बन चुकी हैं। बिहार की जनता उनके झांसे में नहीं आएगी।”
उन्होंने दो टूक कहा कि बिहार अब विकास के रास्ते पर है और यहां की जनता ‘गंदी राजनीति’ को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। “हम उन्हें सलाह देते हैं कि अपनी राजनीति दिल्ली तक सीमित रखें। बिहार को प्रयोगशाला समझने की गलती न करें,” उन्होंने जोड़ा।
पीएम मोदी को घाना में मिला सम्मान, शांभवी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाना में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने पर भी शांभवी चौधरी ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। “आज भारत का नेतृत्व एक ऐसे नेता के हाथ में है जिसे पूरी दुनिया सम्मान देती है। यह पुरस्कार भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है।”
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में बढ़ती हलचल के बीच शांभवी चौधरी का यह सियासी बयान आगामी विधानसभा चुनावों की झलक देता है। जहां एक ओर उन्होंने विपक्ष को जवाब देने का स्पष्ट संकेत दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बिहार अब विकास और स्थायित्व की राजनीति चाहता है, न कि विकल्पहीन वादों और दिखावटी नारों की।